जब सताए जोड़ों का दर्द | Treat Joint Pain

सर्दियों में जोड़ों का दर्द के परेशानियाँ बादने लगती हैं। बदती ठंड में शारीरिक सक्रियता में कमी आने लगती है, जोड़ों में जकड़न होने लगती है और दर्द बादने लगता है। आजकल सिर्फ़ बुजुर्ग हे नही जवान लोग भी इस समस्या से झूझ रहे हैं।में बता रहा हूँ के कैसे हम जब सताए जोड़ों का दर्द तो निजात कैसे पायें, ताकि आपको सर्दियों में ज्यादा परेशन ना होना पड़े।

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मौसम में जैसे जैसे तापमान में कमी आती है , वैसे ही जोड़ों की रक्त वहिनियाँ संकुचित हो जाती हैं और उस हिस्से में रक्त का तापमान कम हो जाता है। इससे अकड़ाहट बढ़ जाती है और दर्द होने लगता है। चूँकि शरीर में विटामिन डी की कमी काफ़ी हद तक सूर्या की किरणों से होती है और इस मौसम में सूर्या की किरणें शरीर तक नही पहुँच पाती, जिसके चलते दर्द और भी बढ़ जाता है। कॅल्षियम की ठीक मात्रा न मिलने पर भी जोड़ों में दर्द की समस्या को उत्पान करता है।इसके अल्वा सर्दियों में बड़ी हुई नमी के कारण तंत्रिकायं सवेन्देन्शील हो जाती हैं, जिससे जोड़ों में दर्द अधिक महसूस होता है।

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क्या हैं कारण जिनसे जोड़ों का दर्द होता है

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  • जोड़ों के दर्द के कई कारण है।
  • चोट लगने से जोड़ोड़न का दर्द और भी बढ़ जाता है।
  • गठिया रोग इसका मेन कारण है।
  • कल सेल रोग की वजह से।
  • जोड़ों में कार्टिलेज का फटना।
  • जोड़ों का संकरमण।
  • हड्डी का टूटना।
  • मोच का आना।
  • युवाओं में भी यह तेज़ी से बढ़ रहा है। ऑस्टियो आर्थराइटिस 40 साल से उपर के लोगों को ख़ासतौर पर महिलाओं को प्रभावित कर रहा है। यह रोग आमतौर पर शरीर का सारा वजन सहने वाले जोड़ों(घुटनो) को प्रभावित करता है।
  • इसके अलावा आजकल रुमेटॉईड आर्थराइटिस भी तेज़ी से 25-35 साल की उमर के लोगों में तेज़ी से फैल रहा है। इसमें जोड़ों के अलावा पूरे शरीर की प्रणाली प्रभावित होती है।
  • आजकल युवा अपनी बॉडी बनाने के चाकर में खूब ज्यादा व्यायाम करते हैं, जिससे जोड़ों में दर्द होता है।
  • कुछ युवा जल्दी से बॉडी बनाने के चाकर में सप्प्लिमेंट्स लेते हैं , जिनमें स्टेराइड्स होता है, जिससे नसें सिकुड जाती हैं और आसपास्स के टिश्यू प्रभावित होते हैं।
  • देर रात से सोना या कम सोना , जोड़ों की सेहत पर भारी पड़ता है।
  • ऑफीस में एक ही जगह पर लंबे समय तक बैठे रहने से भी शरीर को कई बीमारियाँ घेर लेती हैं।रीड व पर के जोड़ोड़न पर इसका खास प्रभाव पड़ता है।

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इन इलाज से ठीक हो सकता है जोड़ों का दर्द

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  • अपने खाने में विटामिन डी और कॅल्षियम युक्त आहार को शामिल ज़रूर करें।
  • यह विटामिन – ए, बी, सी, और ई , दर्द और सूजन को कम करने में मदद करते हैं।
  • कॉफी, कॅफाइन, आल्कहॉल, ड्रग्स, सॉफ्ट ड्रिंक्स, धूम्रपान जैसे चीज़ों का इस्तेमाल ना करें।
  • ज्यादा प्रोटीन युक्त भोजन आपके जोड़ों के दर्द को बढ़ा देता है, इसलिए कम खायें।
  • सामान्य हल्के व्यायाम करने चाहीए।
  • साथ ही योगा जैसे – धनुरासन, श्वनसाना, मकरासन आदि भी जोड़ों के दर्द में आराम देते हैं।
  • कुछ आयुर्वेदिक उपाय भी आप अपना सकते हैं, जैसे ठंड में मेथी, गुड, हल्दी, नींबू, शहद का इस्तेमाल करके
  • ब्रॉकोलई, बादाम, मूँगफली आदि खाने से आराम मिलता है।
  • एक ग्लास पानी में सेब का सिरका पीने से आराम मिलता है।
  • आधा चमच हल्दी और आद्रक के पानी में डाल कर कुछ देर उबालें और इससे छान कर ठंडा कर लें। इसमें एक चमच शहद मिला कर पी लें।
  • जोड़ों के दर्द का मुख्य कारण यूवरिक आसिड का बढ़ना है। नींबू का सेवन करने से यूवरिक आसिड को कम किया जा सकता है।
  • नहाते वक़्त दो चमच सेंधा नमक डाल कर नहयें।
  • तिल के तेल में नींबू का रस और दो चुटकी सेंधा नमक मिला कर दर्द वाली जगह मालिश करें।
  • रात को सोने से पहले हल्दी की गाँठ को दूध में डाल कर उबाल लें। थोड़ी से एलाईची भी डाल दें। ठंडा होने पर इस को पी लें।
  • रोज़ सुबहा खाली पेट एक ग्लास गरम दूध में तोड़ा हल्दी पाउडर मिला कर पीयं।
  • जोड़ोड़न के दर्द में मछली खाना फयदेमंद रहता है।
  • बाहरी चोट पर हल्दी को पायज़ के साथ मिला कर लगा लें। यह सारी सूजन और दर्द को खींच लेता है।

 

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